‘दादा’ को आखिरी सलाम: बारामती में गूंजे ‘Ajit Dada Amar Rahe’ के नारे

भोजराज नावानी
भोजराज नावानी

महाराष्ट्र की राजनीति आज शोक में डूबी नजर आई। राज्य के डिप्टी मुख्यमंत्री अजीत पवार ‘दादा’ को उनके पैतृक क्षेत्र बारामती में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। विद्या प्रतिष्ठान परिसर में जैसे-जैसे अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ी, माहौल भारी होता चला गया।

दोनों बेटे पार्थ पवार और जय पवार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान मां, पत्नी सुनेत्रा पवार, बहनें और पूरा परिवार भावुक दिखाई दिया।

अंतिम यात्रा: 6 किलोमीटर, लाखों यादें

अजीत पवार की अंतिम यात्रा काटेवाड़ी स्थित आवास से शुरू होकर करीब 6 किलोमीटर का सफर तय करते हुए विद्या प्रतिष्ठान पहुंची।
सड़कों के दोनों ओर खड़े समर्थकों की आंखों में आंसू थे और जुबान पर एक ही नारा— “अजीत दादा अमर रहें”

यह सिर्फ एक अंतिम यात्रा नहीं थी, बल्कि राजनीति और जनता के रिश्ते का आखिरी दृश्य था।

अंतिम संस्कार में कौन-कौन रहा मौजूद?

‘दादा’ को अंतिम विदाई देने पहुंचे कई बड़े नेता, जिनमें शामिल रहे—

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी
  • महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस
  • डिप्टी CM एकनाथ शिंदे
  • NCP-SP प्रमुख शरद पवार
  • प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल
  • रामदास अठावले, पंकजा मुंडे, राधाकृष्ण विखे पाटिल, हसन मुश्रीफ

राजनीतिक मतभेद उस वक्त पीछे छूट गए, जब सामने सिर्फ एक शून्य खड़ा था।

Plane Crash: जिसने सब कुछ बदल दिया

28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया।
इस हादसे में अजीत पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हुई—

  1. पायलट कैप्टन सुमित कपूर
  2. को-पायलट शांभवी पाठक
  3. फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली
  4. PSO विदीप जाधव

हादसे की जांच AAIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) कर रही है। विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है, जिससे दुर्घटना के कारणों का खुलासा होगा।

रनवे से पहले क्यों गिरा विमान?

जानकारी के मुताबिक, मुंबई से उड़ान भरने के करीब 36 मिनट बाद पायलट ने ATC से संपर्क किया था। लैंडिंग की अनुमति मिलने के बाद, जब विमान रनवे के बेहद करीब पहुंचा, तभी वह अचानक एक ओर झुका और खेतों में गिर गया। आग इतनी भयानक थी कि विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सोशल मीडिया पर वायरल CCTV फुटेज ने हादसे की भयावहता को और साफ कर दिया।

राजनीति में हर दिन शोर होता है, लेकिन कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जो शोर नहीं — सन्नाटा छोड़ जाते हैं।

अजीत पवार का जाना सिर्फ एक नेता का जाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के एक पूरे अध्याय का अचानक बंद हो जाना है।

अजित पवार की मौत: बारामती विमान हादसा और परिवार की राजनीति का सफर

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